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खेल-खेल में मुसीबत: मासूम के सिर में फंसा भगोना, घंटों चला रेस्क्यू

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प्रतापगढ़। रानीगंज थाना क्षेत्र के पूरेगोलिया स्थित गगन ईंट उद्योग पर रविवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने कुछ समय के लिए सभी को चिंता में डाल दिया। खेलते-खेलते एक मजदूर का मासूम बेटा खाना बनाने वाला एल्यूमीनियम का भगोना अपने सिर में डाल बैठा। देखते ही देखते भगोना उसके सिर में इस तरह फंस गया कि काफी प्रयासों के बावजूद बाहर नहीं निकल सका। बच्चे की हालत देखकर परिजन घबरा गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बताया जाता है कि ईंट भट्ठे पर दूसरे राज्य से आए मजदूर परिवार के साथ रह रहे हैं। रविवार को अरुण कुमार का छोटा बेटा अमन 3 वर्ष  घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान उसे घर में रखा एक भगोना मिल गया। खेल-खेल में उसने भगोना अपने सिर में डाल लिया, लेकिन कुछ ही क्षण बाद वह उसके सिर में बुरी तरह फंस गया। बच्चे ने निकालने की कोशिश की, लेकिन असफल रहा। इसके बाद परिजनों ने भी काफी प्रयास किए, मगर भगोना टस से मस नहीं हुआ।

ट्रामा सेंटर में मासूम के सर में फंसे बरतन को निकालने का प्रयास जारी

परिजनों की बढ़ी चिंता, ट्रामा सेंटर पहुंचे

मासूम के सिर में भगोना फंसने की जानकारी मिलते ही भट्ठा मालिक मल्लू ने तुरंत मानवता का परिचय देते हुए बच्चे को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर पहुंचाया। वहां डॉक्टरों की टीम ने सावधानीपूर्वक भगोना निकालने का प्रयास शुरू किया। बच्चे को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे, इसे ध्यान में रखते हुए घंटों तक प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली।

डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि भगोना सिर में इस तरह फंसा था कि जोर लगाने पर बच्चे को चोट लग सकती थी। स्थिति को देखते हुए बर्तन को काटकर निकालने की तैयारी शुरू कर दी गई। इस बीच बच्चे के परिजन लगातार परेशान नजर आए और उसकी सलामती की दुआ करते रहे।

पत्रकार की सूझबूझ से निकला भगोना

इसी दौरान वहां मौजूद एक पत्रकार ने स्थिति को समझते हुए सावधानी और सूझबूझ के साथ प्रयास किया। बताया जाता है कि पत्रकार ने बिना किसी नुकसान के बच्चे के सिर में फंसे भगोने को निकाल दिया। जैसे ही भगोना बाहर निकला, वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

मासूम के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई और परिजनों की चिंता दूर हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर ट्रामा सेंटर में मौजूद लोगों ने भी राहत महसूस की। डॉक्टरों ने बच्चे की स्वास्थ्य जांच की और यह सुनिश्चित किया कि उसे किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं पहुंची है।

उपचार और जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए घर भेज दिया। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। लोगों का कहना है कि बच्चों की शरारत कभी-कभी बड़े हादसे का रूप ले सकती है, इसलिए अभिभावकों को छोटे बच्चों पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता है।

खुशनसीबी रही कि समय रहते मासूम को राहत मिल गई और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। रविवार को घटी यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी रही, जहां एक ओर परिजनों की चिंता देखने को मिली तो दूसरी ओर बच्चे के सुरक्षित होने पर सभी ने राहत की सांस ली।

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