प्रतापगढ़। जनपद की पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और अनुशासन को लेकर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना दिलीपपुर के थानाध्यक्ष बलराम सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, थानाध्यक्ष बलराम सिंह के कार्यों की समीक्षा और जांच के दौरान उनके द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, शिथिलता, उदासीनता तथा स्वेच्छाचारिता बरतने के तथ्य सामने आए। इन गंभीर आरोपों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने बिना देर किए उन्हें पद से हटाकर पुलिस लाइन भेजने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच भी संस्थापित कर दी गई है, जिससे जिम्मेदारी तय की जा सके।
इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रतापगढ़ पुलिस अब कार्य में लापरवाही या अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर लगातार पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ने जिले में निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के तबादले भी किए हैं। क्राइम ब्रांच में तैनात निरीक्षक प्रदीप कुमार को प्रभारी निरीक्षक थाना रानीगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, रानीगंज के प्रभारी निरीक्षक विजय कान्त सत्यार्थी को थाना दिलीपपुर का नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। जबकि बलराम सिंह को दिलीपपुर से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
पुलिस महकमे में इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बेहतर कानून व्यवस्था और जनता के प्रति जवाबदेह पुलिसिंग तभी संभव है, जब प्रत्येक अधिकारी अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करे। किसी भी प्रकार की लापरवाही, कार्य में शिथिलता या अनुशासनहीनता पाए जाने पर भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
दिलीपपुर थाने में नए प्रभारी निरीक्षक विजय कान्त सत्यार्थी के कार्यभार संभालने के बाद पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, बलराम सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के परिणाम पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।







