पुलिस ने जावेद, चंद्रशेखर,संदीप,राम खेलावन के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया चौकी इंचार्ज अंकित तिवारी को तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में पुतला फूंकने को लेकर बढ़ा विवाद, सपा नेताओं ने पुलिस पर लगाया बर्बरतापूर्वक कार्रवाई का आरोप
सांसद ने उच्चाधिकारियों से की बात, रिहाई न होने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी; पट्टी और रानीगंज विधायक भी पहुंचे डीएम के पास
सपा कार्यकर्ताओं की हिरासत पर पहुंचे प्रतापगढ़ सांसद, अधिकारियों से वार्ता के बाद सभी रिहा
समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी हुए घायल उनके साथ पूर्व विधायक राम शिरोमणि शुक्ला,सपा नेता साजिद अली,राहुल,राजेंद्र यादव सहित कई लोग को लगी चोट

प्रतापगढ़। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के दौरान बुधवार को शहर का अंबेडकर चौराहा काफी देर तक राजनीतिक और पुलिस कार्रवाई के बीच गरमाया रहा। पुतला फूंकने के प्रयास को लेकर पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई और देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में ले लिया।
सपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की और उन्हें जबरन हिरासत में लिया। नेताओं का कहना है कि कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनकी आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया।
पुतला फूंकने को लेकर आमने-सामने हुई पुलिस और सपा


प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंकने का प्रयास किया। पुलिस ने पुतला छीनने और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और धक्का-मुक्की होने लगी।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने कुछ सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर कोतवाली नगर भेज दिया। कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश और बढ़ गया।
हिरासत के बाद नेताओं ने खोला मोर्चा


कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही सपा के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। नेताओं ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग शुरू कर दी। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया।
सपा नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में सरकार और चुनावी व्यवस्था से जुड़े सवालों पर विरोध दर्ज कराना विपक्षी दलों और आम नागरिकों का अधिकार है। उनका आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की बात सुनने के बजाय उनके साथ कठोर व्यवहार किया।
इसके बाद सपा नेता और कार्यकर्ता अंबेडकर चौराहे पर ही धरने पर बैठ गए। नेताओं ने साफ कहा कि जब तक हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
कई बड़े नेता रहे मौजूद

प्रदर्शन में सपा जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी, रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा, पट्टी विधायक राम सिंह पटेल, पूर्व विधायक रामशिरोमणि शुक्ला, मुन्ना यादव, अल्पसंख्यक सपा जिला अध्यक्ष साबिर अली, वकार अहमद, सपा नेता शकील अहमद, पृथ्वीगंज नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि संजय सरोज, तकदीरउद्दीन, जाबिर अली मल्लू, छात्र नेता अशफाक अहमद, मो. असलम समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पुलिस का पक्ष भी अहम

वहीं पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुतला फूंकने से रोकने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसे लेकर मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
अंबेडकर चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई। सपा कार्यकर्ताओं की हिरासत की जानकारी मिलते ही प्रतापगढ़ सांसद भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस व प्रशासन के उच्च अधिकारियों से बातचीत की।
सांसद ने हिरासत में लिए गए सपा कार्यकर्ताओं को तत्काल छोड़ने की मांग की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया गया तो पार्टी की ओर से उग्र आंदोलन किया जाएगा। सांसद के मौके पर पहुंचने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई।
विधायकों ने डीएम से की मुलाकात
मामले को लेकर रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा और पट्टी विधायक राम सिंह पटेल भी सक्रिय हो गए। दोनों विधायक जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे और हिरासत में लिए गए सपा कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की मांग रखी।
सपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। नेताओं ने प्रशासन से पूरे मामले में उचित कार्रवाई और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की।
अधिकारियों से बातचीत के बाद छोड़े गए कार्यकर्ता
सांसद और सपा विधायकों की ओर से लगातार अधिकारियों से बातचीत के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए सपा कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया। कार्यकर्ताओं के रिहा होने के बाद पार्टी नेताओं और समर्थकों ने राहत की सांस ली।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई नोकझोंक, धक्का-मुक्की और हिरासत को लेकर सपा नेताओं में नाराजगी बनी हुई है। पार्टी नेताओं ने पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है।



