प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी तमंचा, चार जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल भी बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी दोबारा वारदात को अंजाम देने की फिराक में जंगल में छिपे थे, तभी उन्हें दबोच लिया गया।
पुलिस के मुताबिक 8 मई 2026 को बजहा भीट निवासी एक व्यक्ति ने थाना मानिकपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पारिवारिक विवाद के दौरान विपक्षियों ने अवैध तमंचे से फायरिंग की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। मामले में थाना मानिकपुर में बीएनएस के तहत तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान थाना मानिकपुर के उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह, पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम अतौलिया के पास जंगल में दबिश दी और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन मौर्या पुत्र उमेश चंद्र निवासी तेरही थाना सलवन जनपद रायबरेली, आशू मौर्या पुत्र स्वर्गीय रमेश मौर्या निवासी तेरही थाना सलवन रायबरेली और लवकुश पुत्र राजाराम निवासी धरई थाना सलवन रायबरेली के रूप में हुई है। तीनों की उम्र करीब 19 से 21 वर्ष बताई जा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन के साथ हो रहे पारिवारिक विवाद और मारपीट से नाराज होकर वे तमंचा लेकर उसकी ससुराल पहुंचे थे। वहां ससुरालीजनों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई थी, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे दोबारा घटना को अंजाम देने के लिए जंगल में छिपकर अंधेरा होने का इंतजार कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी बढ़ोतरी करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।







