प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लगभग आठ माह से फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर कूटरचना, धोखाधड़ी और फर्जी इकरारनामा तैयार कर संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की साजिश रचने का आरोप है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, बाबागंज निवासी वादी ने रानीगंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसने वर्ष 2018 में ग्राम दिवैनी स्थित एक भूमि विधिवत खरीदी थी। आरोप है कि इसी भूमि को हड़पने की नीयत से 24 नवंबर 2025 को कुछ लोगों ने वादी का प्रतिरूपण कर फर्जी इकरारनामा तैयार करा दिया।
शिकायत में बताया गया कि तैयार किए गए इकरारनामे पर न तो वादी का फोटो था, न उसके वास्तविक हस्ताक्षर और न ही अंगूठे का निशान। इतना ही नहीं, दस्तावेज में दर्ज बैंक खाता और भुगतान संबंधी विवरण भी वादी अथवा उसकी कंपनी से किसी प्रकार संबंधित नहीं पाए गए। इससे स्पष्ट हुआ कि सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रानीगंज थाने में पांच नामजद आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी रही।
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली कि मामले का एक आरोपी बभनमई तिराहे के आसपास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर जौनपुर जनपद के मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी विजय बहादुर यादव (37 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने आर्थिक तंगी और अपने पिता की बीमारी का हवाला देते हुए अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी इकरारनामा तैयार कराने और साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। हालांकि पुलिस आरोपी के बयान का सत्यापन कर पूरे गिरोह की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किन-किन लोगों की भूमिका रही, इसकी भी गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रानीगंज पुलिस की इस कार्रवाई को जमीन संबंधी धोखाधड़ी और कूटरचना के मामलों पर बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर किसी की संपत्ति हड़पने की कोशिश करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।







