प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतापगढ़ दौरे के दौरान राजनीतिक हलचल तेज हो गई। समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी को पुलिस ने उनके आवास पर ही रोक दिया। सपा नेता के अनुसार, उनके घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया, जिससे वह पार्टी की निर्धारित मासिक बैठक में शामिल नहीं हो सके।
सपा जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को रोकना, उन्हें पुलिस हिरासत में लेना और उनके घरों पर पुलिस का पहरा लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
अब्दुल कादिर जिलानी ने बयान जारी करते हुए कहा कि, “डरी हुई तानाशाह भाजपा सरकार द्वारा समाजवादी पार्टी की प्रतापगढ़ जिला इकाई की मासिक बैठक में प्रतिभाग करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में लेना तथा उनके घरों पर पुलिस का पहरा लगाना घोर निंदनीय है। यह लोकतंत्र और संविधान की हत्या है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने और संगठनात्मक कार्यक्रम करने का अधिकार है, लेकिन सरकार प्रशासनिक दबाव बनाकर विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक रही है।
सपा नेता के मुताबिक, पार्टी की जिला इकाई की मासिक बैठक प्रस्तावित थी, जिसमें पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होने वाले थे। लेकिन मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कई नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी और उन्हें घरों से बाहर निकलने से रोका गया।
वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतापगढ़ दौरे के बीच सपा नेता की नजरबंदी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया है, जबकि प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दे रहा है। मामले को लेकर जिले में सियासी माहौल गरमा गया है।







