प्रतापगढ़। जनपद मुख्यालय पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवती पारिवारिक जमीनी विवाद में न्याय न मिलने से आक्रोशित होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बगल स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। यह घटना करीब सुबह 11:30 बजे की है, जब जिला सत्र न्यायालय की नई बिल्डिंग के पीछे बनी ऊंची पानी की टंकी पर युवती के चढ़ने की खबर फैलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती काफी देर तक टंकी के ऊपर खड़ी रही और बार-बार यही मांग दोहराती रही कि जब तक उसके मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होगी, वह नीचे नहीं उतरेगी। इस दौरान वहां मौजूद अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों ने उसे समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन युवती अपनी जिद पर अड़ी रही। स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने संयम और सूझबूझ के साथ युवती से बातचीत शुरू की और उसे शांत करने का प्रयास किया। काफी देर की मशक्कत के बाद पुलिस ने युवती को समझाने में सफलता हासिल की, जिसके बाद वह सुरक्षित नीचे उतर आई। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ले गई, जहां उससे पूरे मामले में पूछताछ की गई।
बताया जा रहा है कि युवती का अपने ही परिवार के लोगों से जमीनी विवाद चल रहा है और वह लंबे समय से इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रही थी। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा उसकी शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे आक्रोशित होकर उसने यह कदम उठाया।
इस घटना के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता और आम नागरिक मौके पर मौजूद रहे। सभी की निगाहें टंकी पर चढ़ी युवती पर टिकी रहीं और हर कोई उसकी सुरक्षित वापसी की कामना करता नजर आया। पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
हालांकि, इस घटना ने प्रशासनिक कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार ऐसी नौबत क्यों आई कि एक युवती को अपनी बात मनवाने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ी? यदि समय रहते उसकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती, तो शायद यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय के लिए इस तरह का खतरनाक कदम उठाने को मजबूर न हो। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और युवती को उचित न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया है।







