प्रतापगढ़। रानीगंज तहसील क्षेत्र के सरारतुआ गांव निवासी शबीना बानो, पत्नी आफताब अहमद, ने अपनी पीएच.डी. थीसिस का वाइवा वोस सफलतापूर्वक डिफेंड कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ क्षेत्र में भी खुशी और गर्व का माहौल है। शबीना बानो की सफलता को उनकी वर्षों की मेहनत, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण का शानदार परिणाम माना जा रहा है।
शबीना बानो ने मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स से अपनी पीएच.डी. पूरी की है। उनकी शोध थीसिस का विषय “उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादन पर बुनियादी ढांचे की भूमिका: जिला स्तर पर एक विश्लेषण (1991–2020)” रहा। अंग्रेजी में उनकी थीसिस का शीर्षक “Role of Infrastructure on Agricultural Output in Uttar Pradesh: A District-Level Analysis (1991–2020)” है।
शबीना बानो ने अपना शोध कार्य विश्वविद्यालय के सम्माननीय सुपरवाइजर डॉ. सैयद हसन क़ायद के मार्गदर्शन में पूरा किया। शोध के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादन और बुनियादी ढांचे के बीच संबंध का जिला स्तर पर अध्ययन किया। लंबे शोध कार्य के बाद थीसिस जमा करने और वाइवा वोस सफलतापूर्वक डिफेंड करने के साथ ही उनकी वर्षों की मेहनत एक महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंची।
लगभग पांच वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम
शबीना बानो की यह उपलब्धि अचानक हासिल नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे करीब पांच वर्षों की निरंतर मेहनत, धैर्य और समर्पण रहा। शोध के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने आत्मविश्वास बनाए रखते हुए अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पीएच.डी. का महत्वपूर्ण पड़ाव सफलतापूर्वक पार कर लिया।
शैक्षणिक क्षेत्र में उनकी निरंतर उपलब्धियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वर्ष 2023 में UGC-NET भी क्वालिफाई किया था। यह उपलब्धि उनकी शैक्षणिक प्रतिभा और उच्च शिक्षा के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाती है।
सरकारी शिक्षक की बेटी ने बढ़ाया परिवार का मान
शबीना बानो के पिता अहमद अली खान सरकारी शिक्षक हैं। पिता ने बेटी की शिक्षा और उसके सपनों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षक की बेटी का उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पीएच.डी. जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करना परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
शबीना बानो की सफलता की खबर मिलने के बाद परिवारजनों, शिक्षकों, शुभचिंतकों और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई एवं मुबारकबाद दी। लोगों ने उम्मीद जताई कि उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी उच्च शिक्षा हासिल करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
परिवार की ओर से भी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की गई। परिजनों ने कहा कि करीब पांच वर्षों की मेहनत और लगन का परिणाम आज सामने आया है। शबीना बानो की इस कामयाबी को परिवार ने गर्व और खुशी का यादगार पल बताया।







